छत्तीसगढ़ में हाईवे पर सफर हुआ महंगा, 10 टोल प्लाजा पर बढ़ीं नई दरें, NHAI ने 1 अगस्त से लागू की संशोधित टोल दरें
कार से लेकर ट्रक तक सभी वाहन चालकों पर बढ़ा बोझ

रायपुर, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को अब पहले से अधिक टोल टैक्स चुकाना होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राज्य के 10 प्रमुख टोल प्लाजा पर टोल शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित दरें 1 अगस्त 2026 से लागू हो चुकी हैं, जिससे निजी वाहन चालकों के साथ-साथ व्यावसायिक परिवहन पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
10 टोल प्लाजा पर बढ़ी टोल दरें
नई दरें मुड़ियापारा, बैजी, लिम्हा, मदनपुर, चोटिया, पचिरा, महाराजपुर, लोदाम, पाराघाट और केसला टोल प्लाजा पर लागू की गई हैं। अधिसूचना के अनुसार अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
कार, बस और ट्रकों पर बढ़ा असर
नई दरों के अनुसार मुड़ियापारा टोल प्लाजा पर कार, जीप और वैन के लिए शुल्क 45 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है, जबकि भारी वाहनों के लिए टोल 160 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये कर दिया गया है। बैजी टोल प्लाजा पर कार का शुल्क 65 रुपये यथावत रखा गया है, लेकिन हल्के व्यावसायिक वाहनों (LMV) का शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 105 रुपये और बस एवं ट्रकों का शुल्क 215 रुपये से बढ़ाकर 220 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह अन्य टोल प्लाजा पर भी वाहन श्रेणी के अनुसार टोल शुल्क में संशोधन किया गया है।
यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर पड़ेगा असर
टोल दरों में हुई इस वृद्धि का सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, निजी वाहन चालकों और माल परिवहन से जुड़े कारोबारियों पर पड़ेगा। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई टोल दरों से माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
NHAI का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, संचालन और बुनियादी ढांचे के विकास को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर टोल दरों का पुनरीक्षण किया जाता है। नई दरें 1 अगस्त 2026 से प्रभावी हैं और सभी संबंधित टोल प्लाजा पर लागू कर दी गई हैं।
